तख्त श्री हुजूर साहिब नांदेड सिक्ख गुरुद्वारा सचखंड श्री हुजूर साहिब अबचल नगर अधिनियम 1956 मे महाराष्ट्र सरकार द्वारा मनमाने ढंग से अनावश्यक संशोधन करते हुए हुजूर साहिब गुरुद्वारा नांदेड के गुरुद्वारा बोर्ड का नियंत्रण अपने हाथ लेने की साजिश कर बोर्ड के नियम मे संशोधन का प्रस्ताव लाया गया।
नियम मे संशोधन के तहत यह नियम पारित करने की कोशिश की गई जिसके अनुसार 12 सदस्यो के चयन का अधिकार महाराष्ट्र शासन ने अपने हाथ रखा और इसके अनुसार 12 सदस्य महाराष्ट्र की ओर से होंगे जो सिक्ख समाज की मर्यादा धार्मिक वातावरण और धार्मिक मामलो मे सीधी दखल अंदाजी है। इस नियम संशोधन पर पुरे देश और विदेश मे रहने वाले सिक्ख समुदाय के लोग आहत है और इनमे भारी रोष भी है।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा नियम संशोधन के विरोध एवम इस अधिनियम को वापस लेने के लिए बिलासपुर सिक्ख समाज बिलासपुर ने जिला कलेक्टर बिलासपुर के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी राज्यपाल महोदय महाराष्ट्र सरकार मुख्य मंत्री छत्तीसगढ श्री विष्णुदेव साय जी के नाम ज्ञापन सोपा और अधिनियम को तत्काल समाप्त कर वापस लेने की मांग की गई।
ज्ञापन देने गुरुद्वारा श्री गुरूसिंघ दयालबंद बिलासपुर के अध्यक्ष नरेंदर पाल सिंह गांधी सचिव मनदीप सिंह गंभीर आल इंडिया सिक्ख फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष सतबीर सिंह गुरुद्वारा श्री गुरूसिंघ दयालबंद बिलासपुर के पुर्व अध्यक्ष अमरजीत सिंह दुआ पंजाबी युवा समिति के पुर्व अध्यक्ष चरनजीत सिंह गंभीर जसबीर सिंह चावला जानू टूटेजा बलविंदर सिंह रनजीत के साथ समाज के अनेक लोग उपस्थित थे।