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केद्रीय आवासन एवं शहरी विकास कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू की रेलवे कर्मचारियों को नसीहत : व्यवस्था से लोग परेशान, तुरंत हो सुधार




केद्रीय आवासन एवं शहरी विकास कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू आज बिलासपुर में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मण्डल द्वारा आयोजित माननीय सांसदों एवं रेलवे के अधिकारियों की बैठक में शामिल हुए ।उक्त बैठक में उपस्थित माननीय सांसदों ने सर्वसम्मति से श्री तोखन साहू जी को बैठक की अध्यक्षता के लिए चुने ।








 बैठक में श्री तोखन साहू ने कहा कि हमारा देश माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है जिसमें रेलवे का भी अपना योगदान है और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस शताब्दी के तीसरी दशक को रेलवे की कायाकल्प का दौर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रहे हैं । बिलासपुर डिविजन के 16 रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन में शामिल किया गया है।


केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास कार्य राज्य मंत्री सह बिलासपुर सांसद ने रेलवे के अधिकारों को कड़क लहजे में कहा कि हम और आप सब जनता की बेहतर सुविधाएं और सेवा देने के लिए चुने गए है । लेकिन रेलवे प्रशासन की रवैया से स्थानीय लोगों की कठिनाई बढ़ती जा रही हैं ।उन्होंने कहा कि बैरियर लगाने से लोगों को अनेक प्रकार की असुविधाएं हो रही हैं । बुधवारी बजार से जुड़े व्यापारियों को आजीवका निर्वहन करने की चिंता हो रही हैं इन सभी विषयों पर संवेदनशील होकर कार्य करनी चाहिए। बरसात होते ही अंडर ब्रिज में पानी का भराव हो जाता है जिसमें जनता को आवागमन में तकलीफ़ होती है इसका स्थाई समाधान निकालें। कोविड के समय से जो स्टेशनों पर रेलवे की ठहराव बंद हुआ है उसमें पुनः स्टापेज किया जाये ।


कटघोरा - मुंगेली - डोंगरगढ़ रेलवे लाईन की परियोजना की पर विशेष जोर दिये ।

रेलवे का कार्य सिर्फ माल गाड़ी की ढुलाई नहीं है बल्कि जनता की आवागमन की सुविधाए महत्वपूर्ण है, रेलवे रूट की सर्वे में ऐसे क्षेत्र का चयन करें जिससे ज्यादा से ज्यादा जनता लाभान्वित हो सकें। यह क्षेत्र की जनता की बहुप्रतीक्षित मांग है जिसके कार्यों में तेजी से शीघ्रता लायें ।


अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री साहू ने कहा कि 

सभी सांसद औसतन 20-25 लाख जनता की प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्हें संसदीय क्षेत्र की जनता रेलवे की सुविधाए को लेकर उम्मीद और विश्वास से देखती है लेकिन रेलवे की ओर से सांसदों से मांगें गये प्रस्ताव के ऊपर निराशाजनक उत्तर प्राप्त हुआ है जो खेद का विषय ‌है । श्री साहू ने कहा ने कड़े लहजे में कहा कि इस कार्यप्रणाली की संस्कृति उचित नहीं है। रेलवे प्रशासन को जनता की सुविधाए का ध्यान रखना‌ होगा और जनप्रतिनिधियों की मांगों और सुझावो को सुननकर क्रियान्वयन भी करना होगा।



इसके अलावा श्री तोखन साहू ने। बिलासपुर रेलवे मंडल की सुविधाए के लिए विभिन्न सुझाव दिए हैं


परसदा ग्राम (गतौरा) के पास एक अंडरब्रिज 6 वर्षों से स्वीकृत है। इसका कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस अंडरब्रिज के निर्माण की आवश्यकता है।


स्टेशन पर आधुनिक सुविधायें जैसे कि वाई-फाई, एयर कंडीशन वेटिंग रूम, फूडकोर्ट, सीसीटीवी, ऑनलाइन टिकट बुकिंग, डिजिटल एनाउंसमेंट, मेडिकल रूम की व्यवस्था आवश्यक है।


गोरखपुर रेलवे फाटक पर फ्लाई ओवर का निर्माण तथा नई निर्माणाधीन पार्किंग का कार्य पूरा किया जाना जनहित में आवश्यक है।


बिल्हा (BYL) रेलवे स्टेशन

बिल्हा रेलवे स्टेशन पर कोरोना संक्रमण काल के पूर्व निम्नांकित एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव वर्षों से सुनिश्चित था, जिसे कोरोना काल में बंद कर दिया गया। संक्रमण काल के समाप्ति के बाद भी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव अभी तक स्थगित है।

ट्रेनें जिनका ठहराव कोरोना काल के पूर्व तक थाः

क्र.सं.

ट्रेन नम्बर

ट्रेन का नाम

15159/15160

सारनाथ एक्सप्रेस

18029/18030

कुर्ला एक्सप्रेस

18241/18242

12855/12856

अम्बिकापुर एक्सप्रेस

इंटरसिटी सुपर फास्ट एक्सप्रेस

18517/18518

18239/18240

लिंक एक्सप्रेस

शिवनाथ एक्सप्रेस

बिल्हा नगर, विकासखण्ड का मुख्यालय है, यहां पर अस्पताल है, एसडीएसम कार्यालय, तहसील कार्यालय, शासकीय महावि‌द्यालय सहित प्रमुख शासकीय कार्यालय भी यहां पर स्थित हैं। बिल्हा नगर प्रदेश का प्रमुख व्यावसायिक केन्द्र भी है, यहां पर 50 राईस मिलें, 10 दाल मिलें, 05 पोहा मिलें तथा 15 डोलोमाईट की खदानें एवं क्रशर हैं। रेलवे के नजदीक ही भारतीय खाद्य निगम का गोदाम अवस्थित है। नगर के इस वृहद व्यवसाय से रेलवे विभाग को अच्छी आय होती है। रेल प्रशासन ‌द्वारा उक्त एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की सुविधा स्थगित होने से विद्यार्थियों, मजदूरों, व्यवसायियों सहित अन्य वर्गों को भी गंभीर आर्थक एवं मानसिक असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में, उक्त ट्रेनों के ठहराव का बहाल किया जाना जनहित में अति-आवश्यक है।


कोटा रेलवे स्टेशन

.कोटा में ओवरब्रिज रेलवे स्टेशन के पास सल्का नावागांव (कोटा ब्लाक) हायर सेकेंडरी स्कूल के पास से फाटक पारा के बीच में अंडरब्रिज का निर्माण किया जाना आम जनता के आवागमन के लिये आवश्यक है।

. भनवारटंक स्टेशन में मां मरही माता की ओर अंडरब्रिज की आवश्यकता है।


• करगीरोड स्टेशन में फुट ओवरब्रिज शास. निरजंन प्रसाद केशरवानी महावि‌द्यालय की ओर अति-आवश्यक है


उसलापुर रेलवे स्टेशन


• उसलापुर रेलवे स्टेशन पर फ्लाई ओवर का निर्माण आम जनता के आवागमन के लिये आवश्यक है।


• उसलापुर में कोचिंग डीपो तथा ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की व्यवस्था किया जाना जनहित में आवश्यक है।


खोड्री रेलवे स्टेशन


• खोड्री रेलवे फाटक पर अंडर ब्रिज का निर्माण आवश्यक है।


खोड्री रेल्वे स्टेशन पर लेवर पासिंग जरूरी है।


गौरेला पेंड्रा रेलवे स्टेशन


• गोरखपुर रोड के पास अंडर ब्रिज गौरेला पेंड्रा जरूरी है।


• मुरली महराज के घर के सामने से कल्लू चाचा के दुकान के आस पास अंडरब्रिज आवश्यक है।


• बाईपास मुक्तिधाम के पास से ककरैयाटोला तक ओवरब्रिज आवश्यक है।


• गोरखपुर गोरेला में ओवरब्रिज आवश्यक है।


कुछ ट्रेनों के टाइमटेबल इस तरह बनाये जाएं कि ट्रेन सुबह अंबिकापुर से निकलकर रायपुर 11:00 बजे पहुंचे। सुबह जगदलपुर से निकलकर रायपुर 11:00 बजे पहुंचे। ऐसी ट्रेनें नियमित रूप से चलाने का प्रयास किया जाए ताकि आम रेल यात्रियों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

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