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सफलता की कहानी : महतारी वंदन योजना से सानिता को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह,योजना से मिल रही राशि से बढ़ा रही अपना फल व्यवसाय

 




बिलासपुर, 03 अप्रैल 2025/बिलासपुर के रानीगाँव की रहने वाली सनीता देवांगन को महतारी वंदन योजना से हौसला मिला है, कभी रोजी मजदूरी कर आजीविका कमाने वाली इस मेहनती महिला ने स्वयं का व्यवसाय शुरू किया है, और अब उसे आगे बढ़ाकर अपने परिवार को आर्थिक संबल दे रही है। महतारी वंदन योजना से मिल रही राशि से सनीता के जीवन में नई रोशनी आई है,सनीता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का योजना के लिए आभार जताया है।


बिलासपुर, 03 अप्रैल 2025/     रानीगाँव की रहने वाली सानिता के परिवार में चार बच्चे हैं, जिनकी देखभाल और शिक्षा की ज़िम्मेदारी सनीता के कंधों पर है, सनीता के पति भी मजदूर हैं ऐसे में आमदनी अनियमित थी,घर की आर्थिक स्थिति भी कमजोर थी, और कई बार बुनियादी जरूरतें भी पूरी कर पाना मुश्किल हो जाता था। ऐसे में उन्होंने खुद का व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया और बिलासपुर आकर फल बेचना शुरू किया।




 हालांकि, शुरुआती दौर में पूंजी की कमी के कारण उनका व्यापार बहुत सीमित था। लेकिन जब उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने लगी, तो उनकी जिंदगी में एक नई रोशनी आई। इस योजना से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने अपने फल व्यवसाय को बढ़ाने में किया। अब वह अधिक मात्रा में फल खरीदकर बेचती है,जिससे उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी हुई। 








     आज, सनीता न केवल अपने बच्चों की शिक्षा और परिवार की जरूरतों को पूरा कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी बनी हैं। उनकी मेहनत और सरकार की इस योजना की मदद से अब उनका परिवार आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस करता है। सनीता का कहना है, ‘महतारी वंदन योजना ने मुझे अपने पैरों पर खड़े होने का हौसला दिया है। अब मैं अपने बच्चों को बेहतर भविष्य दे सकती हूँ।’ इस योजना ने न सिर्फ सनीता की जिंदगी बदली, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है। अब वह अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं कि वे अपनी छोटी छोटी बचत से अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

     आज, सनीता का व्यवसाय पहले से काफी बढ़ चुका है। उन्होंने अपने स्टॉल को बड़ा किया और अब वह अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने में सफल हो रही हैं। उनकी आमदनी में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है, जिससे वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और घर की अन्य जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो गई हैं। सनीता कृतज्ञता से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आभार जताते हुए कहती है कि चार बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी के बीच सरकार से मिल रही यह मदद हम जैसी गरीब महिलाओं के लिए बड़ा सहारा है।


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